How to grow bootle gourd in pots in Hindi

लौकी को गमले में उगाने की जानकारी -
आजकल बागवानी में सब्जियां उगाना भी आम बात हो गयी है जो कि अच्छी बात है।अगर आपके पास जमीन नहीं है तो आप टेरेस पर भी अनेंक सब्जियां जैसे लौकी,करेला, भिंडी टमाटर ,बैगन ,ग्वार फली,तोरई आदि बहुत सारी सब्जियां बड़ी आसानी से उगा सकते हैं।आज बात करेंगे लौकी को गमले में उगाने की। कि किस तरह से आप गमले में लौकी उगा सकते है? लौकी गर्मियों के सीजन की बहुत अच्छी सब्जी है। पेट की अनेक तरह की बीमारियों में यह औषधि का काम करती है। लौकी काफी पौष्टिक होती है और बड़ी आसानी से घर पर उगाई जा सकती है।


लौकी को उगाने का सही समय - 
सर्दियों के मौसम को छोड़कर लोकी हर मौसम में अच्छे तरीके से ग्रोथ करती है अगर आप उत्तर भारत में रहते हैं तो जनवरी के बाद फरवरी के अंतिम सप्ताह से लौकी का बीज लगा सकते हैं इसके अलावा बरसात के मौसम में भी लौकी आसानी से उगाई जा सकती है।
लौकी को लगाने का समय - 

■ फरवरी से अप्रैल के महीने में बीज लगा सकते है।
■ जून - जुलाई के महीने में बीज लगाये जा सकते हैं।

      

तापमान - सामान्यतः 20° से 35° तक का तापमान लौकी उगाने के लिये सर्वोत्तम है। इस तापमान पर लौकी काफी अच्छी वृद्धि करती है।


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मिट्टी - 
लौकी के लिए बलुई दोमट मिटटी सर्वोत्तम है जिसमें पानी नहीं ठहरना चाहिए। यानी कि अच्छे जल निकास वाली मिट्टी जो अच्छी उर्वरक हो। लौकी उगाने के लिए सर्वोत्तम रहती है। 
गमले के लिये मिट्टी कैसे तैयार करें ?
अगर आप गमले में लौकी और उगाने की सोच रहे हैं तो आपको मिट्टी बनाते समय कुछ बातें ध्यान रखनी है जैसे गमला छोटा होता है इसलिए मिट्टी अधिक और उरवर्क होनी चाहिए जिससे पौधे को अपनी जरूरत के हिसाब से उचित पोषक तत्व मिल सके इसलिए मिट्टी में ऑर्गेनिक खाद अवश्य मिलाएं।

साधारण मिट्टी 50%
गोबर खाद - 40%
रेत -  10%
नीमखली - 10-50 ग्राम / 12" गमला
   



विधि-
साधारण मिट्टी जो आपके आस-पास ही मिल जाएगी यह आपके पास 50 % होनी चाहिए। इस मिट्टी में आप कोई भी जैविक खाद जैसे गोबर खाद ,वर्मी कंपोस्ट या कंपोस्ट खाद मिला लें। अगर आप की मिट्टी ज्यादा चिकनी है तो उसमें 10% रेत मिक्स करें जिससे मिट्टी भुरभुरी बन जाये जिससे उसमें पानी नही ठहरे। आपकी लौकी में कीड़ा ना लगे दीमक का प्रकोप ना हो,तो इसके लिए मिट्टी में कुछ मात्रा में नीमखली अवश्य मिला लेनी चाहिए। अगर आपके पास नीमखली नहीं है।तो नीम की पत्तियां सुखाकर भी प्रयोग की जा सकती हैं।


गमले का साइज -

अगर आप लोकी को गमले में उगाने की सोच रहे हैं तो बड़े से बड़े आकार का गमला प्रयोग करने की कोशिश करें लौकी एक बेलदार (लतादार)  सब्जी है।इसकी बेल काफी बड़ी हो जाती है और लंबे समय तक फल  देती रहती है इसके लिए आप कम से कम 14 इंच या उससे बड़ा गमला प्रयोग करने की कोशिश करें। अगर आप इसे बाथ टब में लगाएं तो ज्यादा बेहतर रहेगा।

गमले का आकार (साइज ) - 14" या उससे बड़ा गमला प्रयोग करें।



बीज - गमले में कोई भी सब्जी लगाते समय अच्छी क्वालिटी के ही बीजों का चयन करें। संकर किस्म के बीज लगाने पर अच्छी लौकी खाने को मिलेगी। गमले में हमेशा 1 या उससे अधिक बीज लगाने चाहिए जिससे कभी-कभी बीज खराब हो जाने पर भी दूसरा बीज ग्रो हो जाये।


लौकी की उन्नत किस्में - 
1- पूसा सन्देश
2-पूसा सन्तुष्टि
3- पूसा नवीन
4-पूसा समृध्दि
5- पूसा हाइब्रीड 3
अगर आप गमले में लौकी लगाने का विचार कर रहे हैं तो पूसा हाइब्रिड 3 या पूसा नवीन यह वैरायटी आपके लिए ज्यादा बेहतर रहेगी।



 गमले में लौकी - 
सबसे पहले मिट्टी का मिश्रण तैयार करें और उसे तैयार मिट्टी को गमले में भर दें उसके बाद अच्छी किस्म के तीन चार बीज लेकर उन बीजों को किसी टिशू पेपर में रखकर पानी से भिगोकर एयर टाइट बैग में 2 से 3 दिनों के लिए अन्धेरी जगह पर रख दें जिससे बीज अच्छे तरीके से उगने के लिए तैयार हो सके। तीन दिन बाद आप बीजों को निकालकर डिस्पोजल गिलाल या सीडट्रे में लगा दें। लगभग 7-10 दिन में बीज उगकर गमले में लगाये जाने के लिये तैयार हो जायेगें। बीजों को मिट्टी में आधा इंच से ज्यादा गहरा ना लगाया।  वर्ना बीज अंकुरित ना होकर सड़ जायेगा। गमले में ज्यादा पानी ना दें। 7-10 दिन बाद जब लौकी का बीज अंकुरित होकर 2-3 इंच का हो जाये तब आप उसे सीडट्रे से निकालकर गमले में लगा दें।



How to grow bootle gourd in pots in Hindi How to grow bootle gourd in pots in Hindi Reviewed by homegardennet.com on मार्च 14, 2020 Rating: 5

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