सितंबर और अक्टूबर का महीना सर्दियों की सब्जियों (जैसे टमाटर, पालक, मेथी, मूली और गोभी) के बीज बोने का सबसे सही समय है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि केवल अच्छे बीज बो देना ही काफी नहीं है? अगर आपके गमले की मिट्टी में ताकत नहीं है, तो पौधे या तो बड़े नहीं होंगे या फिर उनमें फल-फूल नहीं आएंगे।
बाजार में मिलने वाले केमिकल वाले यूरिया या DAP का इस्तेमाल घर की सब्जियों में बिल्कुल नहीं करना चाहिए। आज हम आपको 5 ऐसे पावरफुल 'ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर' (Organic Fertilizers) के बारे में बता रहे हैं जिन्हें आप घर पर लगभग फ्री में तैयार कर सकते हैं, और जो आपकी सर्दियों की सब्जियों की पैदावार को दोगुना कर देंगे।
सर्दियों की सब्जियों के लिए 5 सबसे बेहतरीन देसी खाद
1. सरसों की खली का लिक्विड फर्टिलाइजर (Mustard Cake Liquid Manure)
सर्दियों के मौसम में सरसों की खली पौधों के लिए किसी 'अमृत' से कम नहीं है। इसमें भरपूर मात्रा में नाइट्रोजन, पोटैशियम और कई माइक्रो-न्यूट्रिएंट्स होते हैं। यह पालक, धनिया और मेथी जैसी पत्तेदार सब्जियों को तेजी से हरा-भरा करने के लिए सबसे बेस्ट है।
- कैसे बनाएं: 100 ग्राम सरसों की खली को 1 लीटर पानी में 3 से 4 दिन तक भिगोकर छांव में रख दें।
- इस्तेमाल का तरीका: 4 दिन बाद इस 1 लीटर घोल को 10 लीटर सादे पानी में मिला लें। अब इस पतले घोल को हर 15 दिन में अपने पौधों की जड़ों में दें।
2. केले के छिलकों की खाद (Banana Peel Fertilizer)
अगर आपके टमाटर, बैंगन या मिर्च के पौधों में फूल झड़ रहे हैं या फल छोटे आ रहे हैं, तो उन्हें पोटैशियम की जरूरत है। केले के छिलके पोटैशियम का सबसे बड़ा और मुफ्त स्रोत हैं।
- कैसे बनाएं: केले के छिलकों को 3-4 दिन तेज धूप में सुखा लें जब तक वे पापड़ की तरह कड़क न हो जाएं। इसके बाद उन्हें मिक्सर में पीसकर पाउडर बना लें।
- इस्तेमाल का तरीका: बीज बोने से पहले मिट्टी में मिला लें या पौधे के तने से थोड़ा दूर मिट्टी की गुड़ाई करके एक-एक चम्मच यह पाउडर डाल दें।
चाय की पत्ती और केले के सूखे छिलकों को मिलाकर गमले में डालने से पौधों को भरपूर नाइट्रोजन और पोटैशियम मिलता है।
Caption: घर पर आसानी से बनने वाली ये ऑर्गेनिक खाद पौधों को केमिकल के नुकसान से बचाती है और 100% शुद्ध पैदावार देती है।
3. इस्तेमाल की हुई चायपत्ती (Used Tea Leaves)
भारतीय घरों में रोज चाय बनती है और हम चायपत्ती डस्टबिन में फेंक देते हैं। जबकि इस्तेमाल की हुई चायपत्ती में नाइट्रोजन भरपूर होता है और यह मिट्टी को भुरभुरा (well-drained) बनाने में बहुत मदद करती है।
- कैसे बनाएं: बची हुई चायपत्ती को पानी से 2-3 बार अच्छी तरह धो लें ताकि उसकी सारी चीनी और दूध निकल जाए (वरना चींटियां लग जाएंगी)। फिर इसे धूप में सुखा लें।
- इस्तेमाल का तरीका: इसे सीधे मिट्टी (Potting mix) बनाते समय मिला लें या गुलाब और टमाटर के पौधों में हर 20 दिन में एक मुट्ठी डालें।
4. गोबर के उपले / कंडे का तरल खाद (Cow Dung Cake Tea)
केंचुए की खाद (Vermicompost) तो अच्छी है ही, लेकिन अगर आपको तुरंत पौधों को बूस्ट देना है, तो पुराने कंडे (गोबर के उपले) का पानी बहुत असरदार होता है।
- कैसे बनाएं: 1-2 साल पुराने एक कंडे को एक बाल्टी (लगभग 5 लीटर) पानी में 48 घंटे के लिए डुबो कर रख दें।
- इस्तेमाल का तरीका: दो दिन बाद कंडे को निकाल लें और उस पानी को अपने सभी सब्जियों वाले पौधों में थोड़ा-थोड़ा डाल दें। यह मिट्टी में अच्छे बैक्टीरिया (Microbes) को बढ़ाता है।
5. लकड़ी या उपले की राख (Wood Ash)
सर्दियों में ओस और कोहरे के कारण पौधों में अक्सर फंगस या कीड़े लग जाते हैं। ऐसे में लकड़ी या कंडे की राख एक बेहतरीन फर्टिलाइजर और प्राकृतिक कीटनाशक (Pesticide) दोनों का काम करती है। इसमें कैल्शियम की मात्रा बहुत होती है।
- इस्तेमाल का तरीका: इसे बहुत कम मात्रा में (आधा चम्मच) पौधे की जड़ों के आस-पास मिट्टी पर बुरक दें। इससे चींटियां, फंगस और घोंघे (Snails) पौधों से दूर रहते हैं।
खाद देते समय इन 3 बातों का रखें खास ध्यान
ऑर्गेनिक खाद का सही फायदा तभी मिलता है जब उसे सही तरीके से दिया जाए। नीचे दी गई टेबल के नियमों का पालन जरूर करें:
| खाद डालने से पहले गमले की मिट्टी की खुरपी से हल्की गुड़ाई जरूर करें, इससे जड़ों तक खाद और ऑक्सीजन आसानी से पहुँचती है। |
| गार्डनिंग का नियम | सही तरीका क्या है? |
|---|---|
| 1. गुड़ाई (Tilling) है जरूरी | खाद देने से एक दिन पहले गमले की मिट्टी की 1-2 इंच गहरी गुड़ाई जरूर करें। इससे जड़ों तक ऑक्सीजन और खाद दोनों आसानी से पहुँचते हैं। |
| 2. खाद देने का सही समय | खाद (चाहे सूखी हो या लिक्विड) हमेशा शाम के समय देनी चाहिए। तेज धूप में खाद देने से पौधे की जड़ें जल सकती हैं। |
| 3. मिट्टी में नमी | सूखी मिट्टी में कभी भी लिक्विड फर्टिलाइजर न डालें। मिट्टी में हल्की नमी होनी चाहिए ताकि खाद पूरी मिट्टी में आसानी से फैल सके। |
इस सितंबर-अक्टूबर अपने किचन गार्डन में केमिकल वाली खाद को 'ना' कहें और रसोई से निकलने वाली इन मुफ्त चीजों का इस्तेमाल करें। आपको सब्जियों का असली और प्राकृतिक स्वाद मिलेगा!
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