सब्जियों को लगाने का सही समय और तरीका

 




सब्जियों को लगाने का सही समय और तरीका।
नमस्कार दोस्तों
आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि कौन सी सब्जी किस महीने में लगाएं जिससे आपको अपनी मेहनत का अधिक से अधिक लाभ प्राप्त हो।  
वैसे तो भारत में अनेक सब्जियां उगाई जाती हैं इन सब्जियों को उगाने का तथा रोपण का समय सब अलग अलग होता है। सही समय पर बुवाई करने से उत्पादन अच्छा होता है और उनमें बीमारियां लगने की संभावना भी कम हो जाती है।

जनवरी माह में उगाई जाने वाली सब्जियां-
जनवरी माह में मौसम ठंडा होता है। अगर धूप निकलने लगे तो कुछ सब्जियां उगाई जा सकती है। कुछ सब्जियों के बीज सीधे जमीन में लगाए जाते है।कुछ सब्जियों के छोटे छोटे सीडलिंग तैयार करने पड़ते है।
जनवरी माह में हम ,मूली , पालक ,कद्दू,  ,राजमा ,शिमला मिर्च और लोबिया जैसी सब्जियां उगा सकते हैं।

फरवरी माह में उगाई जाने वाली सब्जियां- 
फ़रवरी माह में मौसम गर्म होने लगता है और अब गर्मी के सीजन की ज्यादातर सब्जियां उगाई जा सकती है 
खीरा ,ककड़ी, खरबूजा , करेला ,राजमा, फूलगोभी, ग्वार ,बैंगन ,भिंडी , तोरई , लोकी ,अरबी ,पालक, आदि सब्जियां उगा सकते हैं।

मार्च माह में उगाई जाने वाली सब्जियां
ग्वार की फली खीरा ,ककड़ी ,लोबिया, करेला लोकी ,तोरई ,पालक ,भिंडी ,अरबी ,मूली ,आदि सब्जियां उगा सकते हैं।

अप्रैल माह में उगाई जाने वाली सब्जियां-
चौलाई, बेबी कॉर्न, मटर, मूली, पालक,टमाटर ,धनिया आदि सब्जियां उगा सकते हैं।

मई माह में उगाई जाने वाली सब्जियां
फूल गोभी ,बैगन ,प्याज ,मूली मिर्च ,मूंगफली ,तोरई लौकी, टमाटर ,आदि सब्जियां उगा सकते हैं।

जून में उगाई जाने वाली सब्जियां-
लोबिया टमाटर प्याज तोरई लौकी मिर्च मूली पालक चौलाई धनिया करेला आदि सब्जियां उगा सकते हैं।

जुलाई में उगाई जाने वाली सब्जियां
टमाटर ,बैंगन, मिर्च ,प्याज ,भिंडी मूली ग्वार की फली  खीरा ककड़ी लोबिया चौलाई आदि सब्जियों को लगा सकते हैं।

अगस्त माह में उगाई जाने वाली सब्जियां-
गाजर ,शलजम ,फूल गोभी ,टमाटर ,पालक ,धनिया, मूली,प्याज ,आदि को उगा सकते हैं।

सितंबर में उगाई जाने वाली सब्जियां-
टमाटर,बैंगन ,मिर्च ,फूलगोभी, पत्तागोभी, गाजर, हरी प्याज, कद्दू ,अरबी, शलजम ,चुकंदर, लोकी ,तोरई ,मटर ,लहसुन, आदि सब्जी उगा सकते हैं।

अक्टूबर माह में उगाई जाने वाली सब्जियां
गाजर,फूलगोभी, बंद गोभी, ग्वार की फली ,भिंडी,अरबी ,शलजम, प्याज ,चुकंदर ,लहसुन ,आलू, बैगन ,मूली ,धनिया और अदरक जैसी फसलों को उगा सकते हैं।


नवंबर माह में उगाई जाने वाली सब्जियां
शलजम ,फूलगोभी, मूली,पालक, बंद गोभी ,चुकंदर काली सरसों के बीज, पत्तागोभी, शिमला मिर्च और धनिया ,गाजर ,अरबी, आदि सब्जियों को उगा सकते हैं।


दिसंबर माह में उगाई जाने वाली सब्जियां
मिर्च ,धनिया, प्याज ,टमाटर, मटर ,खीरा ,ककड़ी, गाजर, चुकंदर, मूली, पालक ,पत्तागोभी ,फूलगोभी ,बैगन ,ग्वार की फली ,टिंडा आदि सब्जियां उगा सकते हैं।


गमले में सब्जियां कैसे उगाएं
जिन लोगों के पास जमीन नहीं है वह घर की छत पर भी अपने परिवार के लिए सब्जियां उगा सकते है। अगर थोड़ी कोशिश करेगे तो घर पर अच्छी सब्जियां उगा पाएंगे।
इस प्रकार की सब्जियों को गमले में उगाने के लिए सबसे पहले गमले में दो या चार छिद्र कर लेते हैं फिर उसमें मिट्टी और गोबर की खाद को मिलाकर तैयार मिश्रण को भर देता है ।उसके बाद थोड़ा-सा पानी डाल कर गमलों को खुले वातावरण में रख देते हैं।   इसके बाद जिन सब्जियों के बीजों को सीधे मिट्टी में लगाया जा सकता है जैसे - लौकी,तुरई, टिंडा,भिंडी,ग्वारफली,राजमा,चना,कद्दू,करेला,सेम,लोबिया,अदरक, आदि के बीजों को सीधे गमलों में लगा दिया जाता है। बीजों को मिट्टी में ज्यादा गहराई में ना लगाएं बस आधा इंच गहराई काफी है।

कुछ सब्जियां जैसे - बैगन, मिर्च, टमाटर,आदि की सीडलिंग तैयार करनी होती है। तो इनके बीजों की नर्सरी लगाई जाती है। जब बीजों से तैयार पौधे दस दिन या उससे थोड़े और बड़े हो जाते है तब उन्हें गमलों में रिपो
 कर दिया जाता है।  

बेलदार सब्जियां जैसे लोकी, तुरई, टिंडा,करेला,सेम आदि के लिए बड़े गमले की जरूरत होती है। कम से कम 12" या उससे बड़े गमले में बेलदार सब्जियां तेजी से उगाई जा सकती है ।


 



बैंगन, मिर्च ,टमाटर, प्याज, अदरक, जैसी छोटी सब्जियों के लिए माध्यम आकर के गमले (6" - 10" इंच ) सही रहते है।

धनियां,पालक, मेथी, सोफ जैसे सब्जियां जो कि अधिक संख्या में होती है। इसके लिए कम ऊंचाई लेकिन अधिक चौड़ाई वाले गमले सही रहते है। जैसे 15 _6, 18_9 12_5 । इन गमलों की ऊंचाई चौड़ाई से कम होती है।


छत के लिए कैसे  गमले अच्छे होते हैं
छत के लिए  हमेशा हल्के गमलों का ही प्रयोग करें ऐसे गमले जिनका भार एक या दो किलोग्राम हो। जैसे--
मिट्टी के गमले ,प्लास्टिक की बाल्टी , प्लास्टिक के टब, ऐसे बर्तन जो घर में उपयोग नहीं करते हो । जो टूटे-फूटे चटके हुए हो ऐसे बर्तनों में पौधे लगा सकते हैं जिन से पानी बाहर निकल सके।



अगर गमले ना हो क्या करें--
अगर हमारे पास गमले नहीं है तो हम इन सब्जियों को अपनी छत पर , बालकनी में या किसी पेड़ों के नीचे जहां पर हल्की छाया हो ऐसे स्थानों पर सब्जियां उगा सकते हैं। जैसे टमाटर बैंगन गोभी,सेम, भिंडी,पालक, आदि सब्जियां आसनी से उगाई जा सकती है ।


घर के आस पास खाली पड़ी जमीन
हमारे घर के आस-पास कहीं ना कहीं ऐसी जगह नजर आती है जिसका उपयोग हम सब्जियां उगाने में कर सकते हैं यदि वहां की मिट्टी ठोस है तो फावड़े की सहायता से हल्की-हल्की मिट्टी को खोदकर खेत की तरह उसमें छोटी-छोटी क्यारी बना सकते हैं। और उसमें अपनी मनपसंद सब्जियों को उगा सकते हैं ।अगर आपके पास सिंचाई  की व्यवस्था नहीं है तो अपने घर का फालतू पानी जैसे किचन का पानी आदि से सिंचाई कर सकते हैं।


गमलों में खाद डालना
सब्जियां अच्छी उगे इसके लिए उन्हें भी पोषण की जरूरत होती है अपने किचन में सब्जियों को बेहतरीन पोषण प्रदान करने के लिए यह बेहद जरूरी है कि आप हर 15 दिन में अपने गमलों में ऑर्गेनिक खाद डालें।


 गमलों में केमिकल युक्त खाद का प्रयोग ना करें । आपकी रसोई से जैसे सब्जियों के छिलके ,चाय की पत्ती आदि का इस्तेमाल खाद के रूप में कर सकते हैं।

किचन गार्डन के लिए खाद कैसे बनाएं ? 






रोग नियंत्रण----
 छत पर सब्जियां उगाते  समय इन पौधों पर कीट एवं रोगों का अधिक प्रकोप होता है इसके नियंत्रण के लिए आप घर पर ही नीम की पत्तियों से घरेलू कीटनाशक बनाकर इस्तेमाल कर सकते है। रासायनिक कीटनाशक में एंडोसल्फान कीटनाशक घोल का छिड़काव  सप्ताह में एक बार करें।





ध्यान रखने योग्य बातें
• गमले में पौधे लगाने से पहले उसमें खाद डालकर मिट्टी को अच्छी तरह से  उपजाऊ बना लें।
• हमेशा अच्छी किस्म के बीजों का इस्तेमाल करें।

• गमले में उन्हीं सब्जियों को लगाएं जो कम जगह 
घेरती हों। जल्दी बड़ी होने वाली सब्जियां लगाने की कोशिश करें। 
. हरी पत्तेदार सब्जियां काफी तेजी से बड़ी होती है।इन्हे गमलों में आसानी से उगाया जा सकता है।

• एक बार मैं ही खत्म हो जाने वाली सब्जियों की जगह उन सब्जियों को लगाएं जिनका आप बार-बार इस्तेमाल कर सकें।
जैसे--- धनिया मेथी पोदीना आदि।
सब्जियों को लगाने का सही समय और तरीका सब्जियों को लगाने का सही समय और तरीका Reviewed by homegardennet.com on नवंबर 08, 2020 Rating: 5

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