बरसात में उगाई जाने वाली सब्जियों की पूरी जानकारी


 नमस्कार  अगर आप घर पर सब्जियां उगाने के शौकीन है और आपको घर पर अच्छी सब्जियां उगानी है तो आपको सब्जियों के बीज लगाने का सही समय पता होना काफी जरूरी है। क्योंकि सही समय पर उगाई गई सब्जी अच्छा उत्पादन देती है।  और सब्जियों पर बीमारियां भी कम आती है। तो आज हम आपको बताने वाले हैं क्या आप अगस्त सितंबर के महीने में घर के बगीचे में कौन सी सब्जियां आसानी से उगा सकते हैं ? अगर आपको हमारी दी गई जानकारी अच्छी लगती है तो आप इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करें ।साथ ही साथ आप कमेंट करके हमें अपनी अमूल्य राय दे सकते हैं जिससे हम आगे के आर्टिकल में और सुधार कर सके।




अगस्त सितम्बर का मौसम -
 उत्तर भारत में अगस्त सितंबर का महीना बरसात का महीना होता है। इस समय बारिश हो रही होती है ।तापमान कम होता है और मौसम में आद्रता अधिक होती है। चारों तरफ हरियाली छाई रहती है । किसी भी तरह के पौधे लगाने के लिये  यह सबसे बेहतर समय होता है। आप इस  सभी फलदार पौधे बड़ी आसानी से लगा सकते हैं।

  बरसात में उगाई जाने वाली सब्जियां ।
 जैसा कि हम पहले से आपको बता रहे हैं कि अगस्त सितंबर के महीने में बारिश हो रही होती है । इन महीनों में मौसम में काफी नमी होती है तो इस समय हम ऐसी सब्जियां उगा सकते हैं जो बारिश से खराब नहीं हो और आद्रता युक्त मौसम में आसानी से सरवाइव कर जाएं ।

1- बैंगन -
 अगस्त सितंबर के महीने में बैगन को बड़ी आसानी से उगाया जा सकता है ।बैगन काफी फैमस सब्जी है । बहुत सारे लोगों को बैंगन की सब्जी और भर्ता दोनों ही काफी पसंद है। बैगन की सब्जी भी बनाई जाती है बैगन का भरता भी बनाया जाता है। बैगन की बहुत सारी वैराइटीज है। जैसे गोल बैगन ,लंबा बैगन ,सफेद रंग का बैगन, हरे रंग का बैगन आप अपनी सुविधा और रूचि के अनुसार बैगन की कोई भी वैरायटी अगस्त सितंबर के महीने में उगा सकते है। बैगन के बीजों को उगाने का सही समय जून जुलाई का महीना होता है। जून जुलाई के महीने में आप बैगन के बीजों से बैगन की Seedling तैयार कर लीजिए और अगस्त सितंबर के महीने आप बैंगन के इन छोटे छोटे पौधों को गमलों या जमीन पर लगा सकते है।


बैंगन के बीजों से तैयार पौधे जो दूसरी जगह लगाने के लिये तैयार है।
बीज लगाने का समय - जून - जुलाई
पौधे लगाने का समय - अगस्त - सितम्बर (प्रथम सप्ताह)


सावधानियां 
■ हमेशा अच्छी कंपनी के बीजो से ही पौधे तैयार करें।
■ बैंगन पर लीफ कर्ल रोग काफी आता है तो समय से फंगीसाइड दवा का छिड़काव करते रहें।
■ बैंगन के पौधों को ऑर्गेनिक खाद काफी पसन्द है। ऑर्गेनिक खाद के प्रयोग से ज्यादा और स्वादिष्ट बैगन आते हैं।
■ गोल बैंगन खाने में ज्यादा स्वादिष्ट होता है।





2-मिर्च -
 अगस्त सितंबर के महीने में अन्य सब्जी जो उगाई जाती है वह है मिर्च । मिर्च की फसल भी अगस्त सितंबर में लगाई जाती है । उत्तर भारत में हम दो सीजन में मिर्च उगाते हैं ।गर्मियों का सीजन और सर्दियों का सीजन । अगस्त सितंबर में लगाई जाने वाली मिर्च सर्दियों तक फल देती है। सर्दियों में उगाई गयी मिर्च अधिक उत्पादन देती  है और स्वाद में ज्यादा बेहतर होती हैं । तो आप सर्दियों के मौसम के लिये मिर्च जरूर लगाएं।








मिर्च का बीज उगाने का समय - जून - जुलाई

मिर्च रोपित करने का समय - 25 जुलाई के बाद  सितंबर तक

आप सीड ट्रेन में मिर्च की सीडलिग तैयार कर सकते है।

सावधानियां 
सामान्यतः दो तरीके की मिर्च होती है। देसी मिर्च जिस का अचार डाला जाता है।दूसरी  हाइब्रिड मिर्च जिसे हम सब्जी और सलाद में प्रयोग करते हैं। अचार वाली मिर्च देसी मिर्च कहलाती है। इसे आप घर की मिर्च के बीजों से उगा सकते हैं। हाइब्रिड मिर्च को उगाने के लिए आप बाजार से किसी अच्छी कंपनी के बीज लेकर उनसे सीडलिंग तैयार करें और उसके बाद उन बीजों से तैयार छोटे-छोटे पौधों को जमीन पर या गमलों में लगा सकते है।


 3- शिमला मिर्च -
 साधारण मिर्च उगाने के समय पर ही आप में से बहुत सारे लोग शिमला मिर्च को भी मई-जून के गर्मियों में लगा देते हैं।लेकिन  शिमला मिर्च को उगाने का सही समय सितंबर अक्टूबर का महीना है। अगर आप अपने घर के छत पर अच्छी किस्म की शिमला मिर्च उगाना चाहते हैं। तो जुलाई अगस्त के महीने में शिमला मिर्च के बीजों से शिमला मिर्च के छोटे-छोटे पौधे( seedling) तैयार करें ।और सितंबर अक्टूबर के महीने  में उन पौधों को जमीन या गमले में लगा दे।

■ घर पर शिमला मिर्च उगाने के लिए बीज वाली दुकान से अच्छी कंपनी का शिमला मिर्च बीज लेना चाहिए। गमलों में शिमला मिर्च उगाने के लिए  शिमला मिर्च की हाइब्रिड वैरायटी ज्यादा बेहतर रहती है । ऑनलाइन बाजार से बीज खरीद से समय अच्छी कंपनी देखकर ही शिमला मिर्च के बीज खरीदने चाहिए।

■ गमले में शिमला मिर्च में उगाते समय पौषक तत्वों से भरपूर मिट्टी तैयार करनी चाहिए ।इसके लिये मिट्टी में अधिक मात्रा में गोबर खाद या वर्मी कंपोस्ट खाद  मिला लेना चाहिये क्योंकि  शिमला मिर्च को अधिक पोषक तत्व की आवश्यकता होती है।शिमला मिर्च के पौधे पर अधिक मात्रा में मिर्च  का उत्पादन होता है जिससे पौधे को समय-समय पर ज्यादा पोषक तत्वों की जरूरत  होती है । 
■ शिमला मिर्च के पौधे आकार में बड़े और भारी हो जाते हैं गमले में शिमला मिर्च के पौधों को सहारा देने के लिए लकड़ी या रस्सी द्वारा पौधों को सपोर्ट देना चाहिए जिससे पौधे फलों के वजन से टूटे नही।

4- टमाटर :- 
 अगस्त सितंबर के महीने में टमाटर की फसल भी लगाई जाती है घर के बगीचे में आप भी बड़ी आसानी से टमाटर को उगा सकते हैं ।टमाटर सब्जी के साथ साथ सलाद के रूप में भी प्रयोग किया जाता है ।टमाटर को उगाने के लिए सबसे पहले इसके बीजों से छोटे-छोटे पौधे तैयार किए जाते हैं । उसके बाद उन पौधों को जमीन या गमलों में रोपित कर दिया जाता है।टमाटर 40-50दिनों में फल देने लगता है।

टमाटर के छोटे पौधे


■ F1 hybreed टमाटर गमले में उगाने के लिये सबसे बेहतर होता है।कम समय में पौधे पर फल आने लगते है। हाइब्रिड किस्म के टमाटर के पौधों पर बीमारियों का कम प्रकोप होता है छोटे-छोटे पौधों पर ही अधिक मात्रा में टमाटर मिल जाते हैं।

■ टमाटर के बीज हमेशा अच्छी कंपनी के लेने चाहिए और कोशिश करें के नजदीकी बाजार में खाद बीज की दुकान पर जाकर ही टमाटर के बीज खरीदें । ऑनलाइन बाजार से बीज खरीद से समय बहुत सावधानी रखें अच्छे रिव्यू वाले सेलर से ही ख़रीदारी करें ।

■ सर्दियों के सीजन के टमाटर उगाते समय जुलाई के महीने में टमाटर के बीज लगा  दें। फिर अगस्त सितंबर के महीने में आप टमाटर के छोटे-छोटे पौधों को गमले या जमीन पर लगा सकते हैं।




टमाटर उगाने के लिये गमले का साइज -
अगर आप गमले में टमाटर उगाने चाहते है। तो 12" या उससे बड़े साइज के गमले का प्रयोग करें।गमले की तली में अतिरिक्त पानी निकलने के लिये (water drange) छेद होना जरूरी है।


पालक - मैथी -
अगस्त सितंबर के महीने में हरी सब्जियां आसानी से उगाई जा सकती है। जैसे पालक, मेथी ,चौलाई ,आदि इन सब्जियों को अगस्त के अंतिम सप्ताह में उगाना चाहिए। हरी पत्तेदार सब्जियां काफी तेजी से वृद्धि करती हैं ।इसलिए बहुत जल्दी ही उपयोग  के लिए तैयार हो जाती हैं। इनकी देखरेख करना भी आसान है। इन्हें गमले में भी बड़ी आसानी से उगा सकते हैं।

5- पालक-
पालक को गमले में लगाने के लिए ज्यादा बड़े गमले की आवश्यकता नहीं होती इसे कम गहरे और अधिक चौड़े गमले पसंद है ।अगर आपके यहां कोई पुराना बाथटब या टूटा हुआ मटका है तो आप उनमें भी पालक को आसानी से उगा सकते हैं। पालक का बीज बहुत तेजी से अंकुरित होता है। पालक लगाने का सही समय अगस्त के अंतिम सप्ताह से लेकर अक्टूबर  तक है। बीज लगाने के 25-40 दिन में पालक हार्वेस्टिंग के लिये तैयार हो जाता है। 

6- मैथी-
 मेथी की सब्जी भी अगस्त सितंबर के महीने में बड़ी आसानी से उगाई जा सकती है।मेथी का बीज बड़ी आसानी से और बहुत तेजी से अंकुरित हो जाता है। घर के प्रयोग के लिए हमेशा देसी किस्म बीजों से ही मैथी उगाने चाहिये। देसी बीज से उगाई गई मेथी खाने में स्वादिष्ट होती है और इसे आप कई बार हार्वेस्ट कर  सकते हैं ।इसकी अपेक्षा अगर आप हाइब्रिड बीज वाली मैथी उगायेंगे तो उससे आप एक या दो बार ही मैथी की सब्जी खा सकते हैं । इसलिए घर पर मैंथी उगाते समय मेथी के देसी बीज का ही प्रयोग करें । मैंथी को चौड़े गमले में आसानी से उगाया जा सकता है इसे लगाने के लिए आप ग्रोबैग का भी प्रयोग कर सकते हैं।
पालक - मैथी के लिये मिट्टी की तैयारी -
पालक मेथी का बीज बहुत तेजी से अंकुरित होता है। लेकिन अंकुरित होने के बाद इन सब्जियों के छोटे-छोटे पौधे बहुत जल्दी खराब भी हो जाते हैं ।इसलिए हमें इन्हें उगाते समय इनकी मिट्टी बड़ी सावधानी से तैयार करनी है ।पालक मेथी के लिए जो भी मिट्टी तैयार करें उसमें रेत (sand) की मात्रा जरूर  मिला लें। जिससे गमले में पानी देने पर मिट्टी में पानी भरा ना रहे(store na ho) मिट्टी में नमी की अधिक मात्रा होने पर पालक मेथी के बीज बहुत जल्दी सड़कर खराब हो जाते हैं।

बगीचे की मिट्टी - 50%
गोबर या कम्पोस्ट खाद -30%
रेत (sand) -20%

पालक - मैथी के लिये खाद-
पालक ,मैथी को हमेशा कम खाद की जरूरत होती है। घर पर उगाई गयी सब्जियों में आप घरेलू /जैविक/गोबर/धर्मी कम्पोस्ट खाद का ही प्रयोग करें। महीने में एक बार कोई भी आर्गेनिक खाद पालक,मैथी के गमले में देनी चाहिये।




7- धनियां 
बारिश के मौसम में धनिया उगाना बहुत सरल काम है। लेकिन धनिया उगाने के बाद धनियां के छोटे-छोटे पौधों को बारिश से सड़कर  मरने से बचाना बहुत कठिन हो जाता है। इसलिए अगर आप इस मौसम में धनियां उगाने की सोच रहे हैं तो। सितंबर के मध्य सप्ताह ( 15 सितम्बर) के आसपास ही धनियां उगायें। उस समय बारिश लगभग खत्म या बहुत कम हो जाती है। इसलिए उस समय धनियां आसानी से सरवाइव कर जाएगा।

■ धनिये के लिये चौड़े ग्रोबैग का प्रयोग करें जैसे 6×15,5×20 क्योकि धनियां के लिये ज्यादा गहरे गमले की कोई ज़रूरत नही।

■ ज्यादा बड़े स्तर पर धनिया उगाने के लिए धनिया के हाइब्रिड बीज का प्रयोग करें ।अगर आप अधिक सुगंधित धनिया ग्रो करना चाहते हैं। तो फिर देसी धनिया का बीज आपके लिए ज्यादा अच्छा रहेगा ।देसी बीज से उगाये गए धनिए में बहुत अच्छी सुगंध आती है।और यह खाने में स्वादिष्ट होने के साथ-साथ हमारे स्वास्थ्य के लिए भी काफी अच्छा रहता है।

■ धनिये के बीजों को मिट्टी में अधिक गहरा ना लगाये वर्ना धनिये के बीज अंकुरित होने से पहले ही सड़ जायेंगे । धनिया के बीजों को मिट्टी की ऊपरी सतह पर बिखेर कर ऊपर से  मिट्टी की पतली तह बिछा देनी चाहिए। उसके बाद पानी दे देना चाहिए जब तक धनिया ग्रो ना हो तब तक धनिये के गमले को ऐसी जगह रखें जहां पर हल्की-फुल्की धूप और छाया हर समय बनी रहती हो। गमले में ज्यादा पानी भी नहीं देना चाहिये केवल मिट्टी में हल्की नमी रहनी चाहिए।

■ धनिया के साबुत बीजों को रगड़ कर तोड़ लें उसके बाद ही उन्हें उगाएं ।धनिया का साबुत बीज ग्रो नहीं करना चाहिए साबुत बीज ग्रो होने से पहले ही सड़ जाता है।

■ धनिये का बीज अंकुरित होने में  7-15 दिन ले लेता है। तो धैर्य बनाये रखें। गमले में अन्य खरपतवार ग्रो ना होने दें। समय समय पर गमले में से उन्हें निकालते रहें।

■  धनिया पर धूप का सही प्रभाव नहीं पड़ता। कभी-कभी ज्यादा धूप होने पर धनिये की पत्तियां काली पड़ने लगती हैं। अगर आपके पौधे के साथ भी ऐसा ही कुछ हो रहा है तो कुछ समय के लिए  धनिये के गमले को ऐसी जगह पर रख दें जहां सूरज की सीधी रोशनी पौधों पर ना पड़े।

खाद- 
अगर आप घर पर अच्छा धनिया उगाना चाहते हैं। तो धनिया के गमले में समय से आर्गेनिक खाद देनी चाहिए। धनिए को गोबर खाद काफी पसंद है ।आप केंचुआ  खाद का प्रयोग भी धनिये के पौधे में कर सकते हैं। महीने में एक या दो बार कोई भी ऑर्गेनिक खाद धनिये के पौधे में देना सही रहता है।





बीमारियां - 
■ धनियां  में सड़न की बीमारी का सबसे ज्यादा प्रकोप होता है। इसके लिये आप महीने में 2-3 बार फंगीसाइड दवा का छिड़काव करें। आप छाछ और तांबे से घरेलू फंगीसाइड भी बनाकर प्रयोग कर सकते हैं।

■ धनिया में पत्ती खाने वाले कीड़े का प्रकोप भी होता है ।इस बीमारी की रोकथाम के लिए आप घर पर नीम की पत्तियों और धतूरे से घरेलू कीटनाशक बनाकर रखें।इस दवा का महीने में दो-तीन बार धनिये पर समय-समय पर इसका छिड़काव करते रहें।

8- मूली 
अगस्त सितंबर के महीने में सबसे ज्यादा मूली की सब्जी ग्रो की जाती है ।मूली इस मौसम में बहुत तेजी से तैयार हो जाती है ।घर पर गहरे साइज के गमले में मूली को आसानी से उगाया जा सकता है ।सब्जी और सलाद के रूप में मूली का बड़े स्तर पर प्रयोग किया जाता है ।यह खाने में काफी स्वादिष्ट और हमारे पेट के लिए काफी फायदेमंद रहती है ।इसलिए आप अपने घर के बगीचे में मूली जरूर ग्रो करें।बाजार से अच्छी क्वालिटी के बीज लाकर जून जुलाई से लेकर अक्टूबर तक मूली को उगाया जा सकता है।
■ मूली को कम से कम 12" के गमले या उससे बड़े गमले में लगाना चाहिये। जमीन पर मूली लगाने के लिये बैड(मैड़) बनाने चाहिये। बैड पर मूली लगाने से मूली का साइज बड़ा बनता है।

■ हमेशा अच्छी किस्म के बीज  से मूली उगाने चाहिये। बीज किसी भरोसेमन्द दुकान से लेने चाहिये। ऑनलाइन बाजार से बीज लेते समय किसी अच्छे सेलर से ही बीज खरीदें।

मूली के लिये मिट्टी की तैयारी-
 घर पर मूली के अच्छे उत्पादन के लिये भुरभुरी मिट्टी बनानी होती है। भुरभुरी मिट्टी में मूली का पौधा तेजी से ग्रोथ करता है। और मूली का साइज बड़ा हो जाता है।

मूली के लिये  गमले- 12" या उससे बड़ा 
मूली के लिये मिट्टी - soil 50% +khad  30% ,sand 20%
मूली के लिये पानी - गर्मियों में दिन मे एक बार  ,सर्दियो में 3-4 में 

मूली उगाने का समय - फरवरी- मार्च
                               - जुलाई से अक्टूबर





9- शलजम -
 सितंबर के आखिरी सप्ताह में शलजम की सब्जी भी उगाई जा सकती है ।शलजम पेट के रोगों के लिए काफी फायदेमंद रहता है। मूली के तरीके से इसके बीज होते  हैं जिन्हें आप जमीन पर या बड़े गमलों में आसानी से ग्रो कर सकते हैं। शलजम बहुत कम देखरेख और सबसे कम खाद चाहने वाली सब्जी है। इसे ज्यादा खाद की आवश्यकता नहीं होती है इसलिए आप इसे कहीं पर भी आसानी से उगा सकते हैं।

10- हरी प्याज 
छोटी-छोटी प्याज के माध्यम से आप हरी प्याज उगा सकते हैं। हरी प्याज का प्रयोग सब्जी बनाने में किया जाता है। सलाद के रूप में किया जाता है ।चटनी बनाने में इसका प्रयोग किया जाता है ।हरी प्याज को उगाना बहुत ही आसान है प्याज के छोटे-छोटे कंद द्वारा आप ऐसे गमले या जमीन पर आसानी से उगा सकते हैं। अगस्त सितंबर के महीने में यह काफी तेजी से ग्रोथ करती हैं ।इसलिए आप इसे अगर सितंबर में जरूर लगा दे।


11- लहसुन-
लहसुन को उगाने का सही समय सितंबर और अक्टूबर का महीना होता है ।20 सितंबर के  बाद आपसे कभी भी लहसून लगा सकते हैं। लहसुन को उगाते समय ध्यान रखें कि आप अच्छी किस्म का लहसुन प्रयोग करें जिससे लहसुन के मजबूत और मोटे पौधे तैयार हो ।लहसुन के लिए बलुई दोमट और चिकनी मिट्टी बढ़िया रहती है ।अगर आप इसे गमले मेंउगाना चाहते हैं। तो किसी बड़े बाथ टब या ग्रो बैग में लहसुन उगाये। जिससे आपको अच्छी किस्म का लहसुन खाने को मिल सके।


■ लहसुन को हमेशा बड़े गमले में ग्रो करें। जमीन पर ऐसी जगह लगायें जहां मिट्टी अधिक उर्वरक हो।

■ लहसुन को लगाते समय मोटा मजबूत बीज (कली) प्रयोग करें जिससे आगे मजबूत पौधा तैयार हो। 

■ लहसुन के बीज को लगाने के 30-40 दिन बाद जब लहसुन बनने  लगे तब उसमे कम सिंचाई करें। क्योकि अगर आप ज्यादा सिंचाई करेगें जो पौधे की शाखायें,पत्तियां बढ़ने लगेगी लेकिन लहसुन छोटा रह जायेगा। इसलिये लहसुन बनते समय खाद देनी चाहिये पानी कम देना चाहिये।


अगस्त सितम्बर में किन सब्जियां के बीज लगायें?
अगस्त सितंबर में सब्जियां उगाने के साथ साथ  और भी कुछ सब्जियों की सीडलिंग तैयार की जाती है। जिन्हें हम अक्टूबर-नवंबर  के महीने में लगाते हैं ।तो हम आपको बता रहे हैं कि अगस्त सितम्बर म में आप किन सब्जियों की सीडलिंग लगा सकते हैं यानी के बीज की बुवाई कर सकते हैं।

फूलगोबी
बन्दगोबी
प्याज
कलर शिमला मिर्च
गांठ गोबी
 पेठा 
परवल 
चुकन्दर

इस तरीके से हमने आपको अगस्त सितंबर में उगाई जाने वाले ज्यादातर सब्जियों की जानकारी देती है। अगर आपको हमारी यह जानकारी पसंद आई हो तो कृपया इस जानकारी को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ।और अगर आप हमारे साथ कुछ शेयर करना चाहते हैं तो कमेंट करके आप हमें बता सकते हैं धन्यवाद।


बरसात में उगाई जाने वाली सब्जियों की पूरी जानकारी बरसात में उगाई जाने वाली सब्जियों की पूरी जानकारी Reviewed by Garden advisor on अगस्त 23, 2020 Rating: 5

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