सब्जी उगाने की इस तकनीक पर राष्ट्रपति पुरस्कार मिला है जानिये

सब्जियां उगाने की अनौखी विधि -
आवश्यकता और परिस्थितियां इंसान को कुछ विशेष करने को मजबूर कर देती है। आज से कुछ वर्ष पहले छत्तीसगढ़ में एक आदिवासी महिला ने घर पर ही सब्जियां उगाने का विचार किया उसके आसपास मौसम अनुकूल नहीं था, पानी की भी कमी थी इसके अलावा जंगल में सब्जियों की रखवाली कौन करें? इन सब परेशानियों के बावजूद उस महिला ने सब्जियां उगाने के लिये एक अनोखी तकनीक ईजाद की जिसकी सहायता से वह अपने घर पर ही लोकी ,करेला, कद्दू ,टिन्डा, तोरई ,सेम आदि ऐसी ही बहुत सारी बेलदार सब्जियां घर पर ही उगाने लगी। शुरू- शुरू में लोग उसकी हंसी उड़ाते थे। लेकिन जैसे-जैसे वह कामयाब होती गई वैसे ही लोग उसकी तारीफ करने लगे। आदिवासी महिला ने सब्जियां उगाने की जिस तकनीक को इजाद किया वह काफी सरल और बहुत ही उपयोगी तकनीक है। और आप उसकी सहायता से अपने घर पर या घर की छत पर आसानी से सब्जियां उगा सकते हैं। आज हम आपके साथ वही तकनीक शेयर करने वाले हैं । यह तकनीकी काफी उपयोगी है खासकर शहरों के लिए जहां पर जमीन नहीं है और लोग वहां पर सब्जियां नहीं हुआ पाते


सब्जियां उगाना कितना आसान हुआ -
सब्जियां बनाने की तकनीक में हम प्लास्टिक की एक बोरी का प्रयोग करते हैं इसकी सहायता से पक्का घर होने पर भी आप प्लास्टिक इस बोरी में बहुत सारी सब्जियां उगा सकते हैं। स तकनीक में पानी देने के लिए प्लास्टिक के पाइप का सहारा लिया जाता है। जिसकी सहायता से जब बोरी मे हम पानी देते हैं तो आपकी सब्जियों में नीचे से ऊपर तक मिट्टी में बराबर मात्रा में पानी पहुंचता रहता है।
बहुत कम खर्चा आता है -
सब्जियां उगाने की इस विधि में बहुत कम लागत आती है एक प्लास्टिक की बोरी जो से बाजार ₹10,15 में मिल जाती है इस विधि में प्रयोग किया गया पाइप का टुकड़ा भी 10,15 रूपये का आसानी से मिल जाता है।तो कुल मिलाकर इस विधि में 40 ,₹50 में आप घर पर आसानी से सब्जियां उगा सकते हैं।


सब्जी उगाने की इस तकनीक पर राष्ट्रपति पुरस्कार मिला है जानिये सब्जी उगाने की इस तकनीक पर राष्ट्रपति पुरस्कार मिला है जानिये Reviewed by homegardennet.com on अक्तूबर 08, 2019 Rating: 5

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