तुलसी के पौधे के लिए मिट्टी कैसे बनायें

तुलसी के पौधे के लिये मिट्टी तैयार करना
तुलसी के पौधे को हर समय घना एवं हराभरा बनाये रखने के लिये इसके गमले की मिट्टी का अच्छा एवं उर्वरक होना बहुत जरूरी है। अगर आप चाहते हैं कि आप के गमले में लगा तुलसी का पौधा घना और हरा-भरा बना रहे तो मिट्टी को बनाते समय आपको कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना होगा साथ ही साथ गमले का आकार कितना होना चाहिए? उसे किस जगह रखें? जिससे पूरी साल हमारी तुलसी हरी-भरी और स्वस्थ बनी रहे। आज हम आपको यही सब बातें बताने वाले हैं कि अच्छी तुलसी उगाने के लिए मिट्टी को तैयारी कैसे करें?


तुलसी कब लगायें ? - तुलसी के पौधे के लिए मिट्टी बनाने से पहले हम यह जानेंगे कि तुलसी का पौधा लगाना कब चाहिए जिससे उसकी अच्छी ग्रोथ हो ?  यों तो तुलसी का पौधा सर्दियों को छोड़कर कभी भी उगाया जा सकता है । खासकर बरसात के मौसम में यह पौधा बहुत तेजी से ग्रोथ करता है। बीज से उगाया गया पौधा बहुत मजबूत रहता है। फरवरी - मार्च और जुलाई से लेकर सितम्बर के महीने में तुलसी लगानी चाहिये । सर्दियों के बाद फरवरी-मार्च में गर्मी आने पर आप तुलसी का पौधा लगा सकते हैं इसके अलावा जुलाई से लेकर सितंबर तक का समय तुलसी उगाने के लिए सबसे बेहतर समय होता है इस समय उगाई गई तुलसी काफी तेजी से बढ़ती है और बहुत मजबूत हो जाती है। इसलिए अगर आप तुलसी का पौधा उगाने की सोच रहे हैं तो जुलाई से लेकर सितंबर तक का समय आपके लिए सबसे बढ़िया रहेगा



तुलसी के लिये मिट्टी - ज्यादातर भारतीय घरों में तुलसी के पौधे को गमले में लगाने की परंपरा है। तुलसी को उगाते समय बड़े गमलों का प्रयोग करें जिससे आप के पौधे को हर समय जरूरत के हिसाब से पोषक तत्व मिल सके। तुलसी के पौधे में सामान्यतः बहुत से लोग खाद का प्रयोग नहीं करते हैं। इसलिए तुलसी का पौधा लगाते समय हमें उर्वरक मिट्टी का चुनाव करना चाहिए।
● दोमट या चिकनी ,काली मिट्टी - 90%
● पुरानी सड़ी हुयी गोबर या कम्पोस्ड खाद 10%

चिकनी मिट्टी या काली मिट्टी में काफी बड़ी मात्रा में पोषक तत्व होते हैं अगर आप गमले में तुलसी लगाने की सोच रहे हैं तो बलुई दोमट या चिकनी मिट्टी का प्रयोग अपने लिए करें ।चिकनी मिट्टी काफी मजबूत मिट्टी होती है एक बार पौधे के जड़ों से चिपकने के बाद यह आसानी से छूटती नहीं है साथ ही साथ इसमें अधिक मात्रा में पोषक तत्व भी होते हैं। और चिकनी मिट्टी की जल धारण क्षमता भी अधिक होती है।

रेत / Sand - तुलसी का पौधा गमले में लगाते समय रेत का प्रयोग ना करें या बहुत कम मात्रा में रेत का प्रयोग करें अगर आप चाहते हैं कि आप अपने तुलसी में खाद ना लगाएं तो उस स्थिति में मिट्टी में रेत ना मिलाएं क्योंकि रेत में उर्वरक क्षमता कम होती है। अगर आप तुलसी का पौधा लगाते समय रेत का ज्यादा प्रयोग करेंगे तो आपको बार-बार तुलसी में पानी देना पड़ेगा इसके अलावा रेत में पोषक तत्व अधिक नहीं होते इसलिए समय-समय पर तुलसी के पौधे में खाद लगानी पड़ेगी बहुत सारे लोग तुलसी के पवित्र पौधे में खाद का प्रयोग नहीं करना चाहते इसलिए आप तुलसी उगाते समय चिकनी या काली मिट्टी का प्रयोग करें। चिकनी या काली मिट्टी में जीवाश्म अधिक मात्रा में होते है इसलिय यह मिट्टी अधिक उर्वरक होती हैं साथ ही साथ यह मिट्टी अधिक समय तक जल धारण कर सकती हैं। यानि आपको बार -बार पानी नही देना होगा।

तुलसी के लिये गमले का आकार - अगर आप अपने घर पर स्वस्थ हरा-भरा तुलसी का पौधा उगाना चाहते हैं।तो आपको एक बड़ा गमला प्रयोग करना चाहिए बड़े गमले में अधिक मात्रा में मिट्टी भर सकते हैं जिससे पौधे को उसकी जरूरत के हिसाब से पोषक तत्व मिलते रहते हैं। जिससे हमारा तुलसी का पौधा हरा-भरा और घना बना रहता है सामान्यतः 14 इंच से बड़े गमले का प्रयोग तुलसी लगाने के लिए करना चाहिए। तुलसी का पौधा 1-2 साल आसानी से सर्वाइब करता है इसलिये ऐसे गमले का चुनाव करें जो जल्दी खराब ना हो।क्योकि गमला टूटने या खराब होने पर तुलसी का पौधा भी खराब हो सकता है।

तुलसी के पौधे के लिए मिट्टी कैसे बनायें तुलसी के पौधे के लिए मिट्टी कैसे बनायें Reviewed by homegardennet.com on सितंबर 14, 2019 Rating: 5

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