राख से बनायें जैविक कीटनाशक

राख की सहायता से बनायें जैविक कीटनाशक
जैसा कि आप सभी जानते हैं बागवानी में समय-समय पर हमारे पौधों पर अनेक तरह की बीमारियों का प्रकोप होता है उन बीमारियों को दूर करने के लिए हमें कीटनाशक की आवश्यकता बनी रहती है रासायनिक कीटनाशकों के अंधाधुंध प्रयोग से बहुत सारी बीमारियां पैदा हो रही है इसलिए हमारी कोशिश है कि आप अपने पौधों पर जैविक कीटनाशक का प्रयोग करें जिससे बीमारियां तो दूर रहेंगी उससे आपको अन्य परेशानियां नहीं होंगे आज इसी क्रम में लकड़ी  या उपले की राख का आप किस तरीके से कीटनाशक के रूप में प्रयोग कर सकते हैं।यह जानकारी देगें ।


राख - जैसा कि आप सभी जानते हैं कि लकङी ,कोयला या उपले को जलाने के बाद उससे जो पदार्थ बचता है उसे राख कहते हैं।अगर आप किसी गांव में रहते हैं तो फिर आसानी से आपको राख मिल जाएगी। शहर में रहने वाले लोग किसी हलवाई की दुकान से या फिर प्रेस करने वाले की दुकान से भी राख ले प्राप्त कर सकते हैं ।सामान्यतः नीम या बबूल की लकड़ी या उपले से तैयार राख एक अच्छे कीटनाशक का काम करती है।
पौधे जिनकी राख उपयोगी होती है।
नीम,आक, धतूरा,बकायन,यह सभी औषधीय पौधे हैं इन पौधों की सूखी लकड़ियों को जलाकर राख तैयार कर लें। नीम की राख सबसे अधिक कारगर होती है। लकड़ियों को जलाने के बाद या उपले जलाने के बाद जो राख तैयार होती है उसे छानकर रख लेना चाहिए बरसात के मौसम में या वर्ष बरसात के मौसम के बाद हमारे पौधों पर बड़ी संख्या में कीड़े मकोड़ों का प्रकोप होता है उनमे पत्तियां खाने वाले कीड़े होते हैं छोटी-छोटी मकड़िया या फिर पौधों को सड़ाने  वाले बैक्टीरिया होते हैं  इन सभी पर राख का लगाता छिड़काव करने पर पौधों को बचाता जा सकता है।

राख का उपयोग -
भिन्डी ,करेला,पालक,मैथी,धनियां,
नीबू,अमरूद,आम,
गुलाब,गुड़हल मोगरा,गेंदा,
सब्जियां -   सभी पत्तेदार सब्जियों पर राख का प्रयोग छिड़काव के रूप में किया जा सकता है पत्तियों को खाने वाले कीड़े पत्तियों पर लगने वाली छोटी-छोटी मकड़िया इल्लियां आज रात का प्रयोग करने पर मर जाती हैं सब्जियों पर राह का प्रयोग करने से उन पर अन्य बीमारियों का प्रकोप नहीं होता मिट्टी में अल्कोहल बढ़ जाता है जिससे चीटियों आग का प्रकोप भी कम हो जाता है।
फूल - फूलदार पौधों की बात की जाए तो गुलाब गुलाब मोगरा रातरानी गेंदा ऐसे बहुत सारे पौधे हैं जिन पर राख का प्रयोग करने से बहुत सारी बीमारियां हमेशा के लिए दूर हो जाती हैं


मकड़ियों की रोकथाम -
भिंडी लौकी तोरई नींबू आदि की पत्तियों पर लाल रंग की बहुत छोटी-छोटी मकड़ियों का प्रकोप होता है जिससे उन पौधों की पत्तियां सफेद पड़ने लगती हैं लाल लाल रंग के धब्बे पड़ जाते हैं और कुछ समय बाद यह पत्तियां सूख कर गिर जाती हैं पत्तियों के गिरने के कुछ समय बाद पौधा भी मर जाता है ।बागवानी में मकड़ियों की रोकथाम करने के लिए नीम की लकड़ियों की राख तैयार करें फिर सप्ताह में दो बार राख का छिड़काव पौधों पर लगातार करना चाहिए महीने में तीन से चार बार इन पौधों पर लकड़ी का इराक का छिड़काव करने पर मकड़ी का प्रकोप कम हो जाता है

राख से बनायें जैविक कीटनाशक राख से बनायें जैविक कीटनाशक Reviewed by homegardennet.com on सितंबर 15, 2019 Rating: 5

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